हैदराबाद
भारत के 13 अतिविशिष्ट लोगों (VVIPs) के iPhone में malware के जरिए सेंध लगाए जाने की आशंका है। ऐसा माना जा रहा है कि उनके iPhone में से मेसेज, वॉट्सऐप, लोकेशन, चैट लॉग, तस्वीर और कॉन्टैक्ट्स जैसी जानकारियां भी चुराई गईं हैं। हालांकि अबतक इन 13 लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। कमर्शल थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप सिसको टालोज के शोधकर्ताओं ने पाया है कि एक बेहद सधे हुए उच्चस्तरीय टारगेटेड हमला कर इन लोगों के iPhone को एक संदिग्ध ऐप्लिकेशन की मदद से निशाना बनाया गया है।
सिसको एक्सपर्ट्स की आशंका है कि iPhone में सेंध लगाने वाला भारत में हो सकता है लेकिन उसने खुद को रूस का दिखाने की कोशिश की है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस पूरी गतिविधि में उसने रूसी नाम और रूस के ईमेल डोमेन का इस्तेमाल किया है। इसे अंजाम देने वालों के दो पर्सनल डिवाइसों में भारत के वोडाफोन नेटवर्क के फोन नंबर का इस्तेमाल हुआ है।
टालोज इंटेलिजेंस ब्लॉग में एक्सपर्ट्स ने दावा किया है कि आईफोन पर हमला करने वालों ने एक ओपन सोर्स मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट सिस्टम (MDM) तैयार किया। इसकी मदद से 13 डिवाइसों तक पहुंच बनाई गई। टालोज सिक्यॉरिटी के टेक्निकल लीडर वॉरन मर्सर ने कहा कि अटैकर ने वैधानिक ऐप्स जैसे वॉट्सऐप और टेलिग्राम में अलग से फीचर्स जोड़ने की एक निश्चित तकनीक का इस्तेमाल किया। फिर टारगेट किए गए 13 iPhone में MDM द्वारा इन्हें भेजा गया।
अटैकर्स के कोड ने फोन नंबर, सीरियल नंबर, लोकेशन, कॉन्टैक्ट्स, यूजर के फोटो, एसएमएस, टेलिग्राम और वॉट्सऐप चैट के मेसेज तक में सेंध लगाई। उनके मुताबिक इन iPhone से जो सूचनाएं चुराई गईं है उनका इस्तेमाल इसके मालिकों को ब्लैकमेल करने या रिश्वतखोरी के लिए किया जा सकता है। लिनक्स/यूनिक्स सिस्टम ऐडमिनिस्ट्रेटर्स की ऑनलाइन कम्युनिटी निक्सक्राफ्ट ने टालोज के रिसर्ज को कोट करते हुए ट्वीट किया कि जिस तरह की तैयारी हुई और समय खर्च हुआ उसे देखकर लगता है कि ये जरूर ही VVIPs के iPhone होंगे। उनके मुताबिक 3 साल से चल रहे इस ऑपरेशन का किसी को पता भी नहीं चल पाया।
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भारत के 13 अतिविशिष्ट लोगों (VVIPs) के iPhone में malware के जरिए सेंध लगाए जाने की आशंका है। ऐसा माना जा रहा है कि उनके iPhone में से मेसेज, वॉट्सऐप, लोकेशन, चैट लॉग, तस्वीर और कॉन्टैक्ट्स जैसी जानकारियां भी चुराई गईं हैं। हालांकि अबतक इन 13 लोगों की पहचान नहीं हो पाई है। कमर्शल थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप सिसको टालोज के शोधकर्ताओं ने पाया है कि एक बेहद सधे हुए उच्चस्तरीय टारगेटेड हमला कर इन लोगों के iPhone को एक संदिग्ध ऐप्लिकेशन की मदद से निशाना बनाया गया है।
सिसको एक्सपर्ट्स की आशंका है कि iPhone में सेंध लगाने वाला भारत में हो सकता है लेकिन उसने खुद को रूस का दिखाने की कोशिश की है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस पूरी गतिविधि में उसने रूसी नाम और रूस के ईमेल डोमेन का इस्तेमाल किया है। इसे अंजाम देने वालों के दो पर्सनल डिवाइसों में भारत के वोडाफोन नेटवर्क के फोन नंबर का इस्तेमाल हुआ है।
टालोज इंटेलिजेंस ब्लॉग में एक्सपर्ट्स ने दावा किया है कि आईफोन पर हमला करने वालों ने एक ओपन सोर्स मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट सिस्टम (MDM) तैयार किया। इसकी मदद से 13 डिवाइसों तक पहुंच बनाई गई। टालोज सिक्यॉरिटी के टेक्निकल लीडर वॉरन मर्सर ने कहा कि अटैकर ने वैधानिक ऐप्स जैसे वॉट्सऐप और टेलिग्राम में अलग से फीचर्स जोड़ने की एक निश्चित तकनीक का इस्तेमाल किया। फिर टारगेट किए गए 13 iPhone में MDM द्वारा इन्हें भेजा गया।
That is some crazy amount of planning and time spent on for just 13 users. Must be VVIP folks. Mysterious malware c… https://t.co/mX4fRgA75o
— nixCraft (@nixcraft) 1531477580000 अटैकर्स के कोड ने फोन नंबर, सीरियल नंबर, लोकेशन, कॉन्टैक्ट्स, यूजर के फोटो, एसएमएस, टेलिग्राम और वॉट्सऐप चैट के मेसेज तक में सेंध लगाई। उनके मुताबिक इन iPhone से जो सूचनाएं चुराई गईं है उनका इस्तेमाल इसके मालिकों को ब्लैकमेल करने या रिश्वतखोरी के लिए किया जा सकता है। लिनक्स/यूनिक्स सिस्टम ऐडमिनिस्ट्रेटर्स की ऑनलाइन कम्युनिटी निक्सक्राफ्ट ने टालोज के रिसर्ज को कोट करते हुए ट्वीट किया कि जिस तरह की तैयारी हुई और समय खर्च हुआ उसे देखकर लगता है कि ये जरूर ही VVIPs के iPhone होंगे। उनके मुताबिक 3 साल से चल रहे इस ऑपरेशन का किसी को पता भी नहीं चल पाया।
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Source : navbharattimes[dot]indiatimes[dot]com

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