अगर आपने अब तक MSc JAM 2019 की परीक्षा के लिए अप्लाई नहीं किया है तो आज ही कर दें। परीक्षा के लिए अप्लाई करने की लास्ट डेट 10 अक्टूबर है।
जो कैंडिडेट्स MSc कोर्सेज के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी ( IIT) और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंसेज (IISc), बंगलुरु के लिए अप्लाई करना चाहते हैं वे jam.iitkgp.ac.in पर JAM 2019 इंट्रेंस एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। ऑफिशल साइट jam.iitkgp.ac.in पर जाकर ऐप्लिकेशन फॉर्म JOAPS लिंक पर सब्मिट किया जा सकता है।
आपको पता है कि इस दुनिया का सबसे बड़ा अवॉर्ड कौन-सा है? घर में पापा-ममा की थपकी, स्कूल में टीचर की शाबाशी, फिल्मों में ऑस्कर और नोबेल। आइए आज जानते हैं कि कैसे आप भी नोबेल प्राइज पा सकते हैं...
साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स, यह तो सीनियर क्लास में जाने के बाद चुनना होता है, लेकिन आप अभी तो सब कुछ पढ़ रहे होंगे। फिर भी किसी खास सब्जेक्ट में दिलचस्पी ज्यादा हो तो उसके बारे में खूब पढ़े। पापा और ममा से बातें कीजिए। Kiddle सर्च इंजन पर भी पसंदीदा चीजें खोज सकते हैं। इससे आपके आगे की मजबूत नींव पड़ जाएगी।
कैलाश सत्यार्थी को तो आप जानते होंगे। ‘बचपन बचाओ’ आंदोलन वाले सत्यार्थी अंकल का पैशन है गरीब बच्चों को बाल मजदूरी से बचाना। हजारों बच्चों को उन्होंने बाल मजदूरी के जाल से मुक्त कराया है। यहां तक कि साहित्य के क्षेत्र में नोबेल जीतने वाले रवींद्रनाथ टैगोर का तो बचपन में पढ़ाई में मन ही नहीं लगता था, लेकिन देखो उन्होंने साहित्य की ऐसी रचना की कि उन्हें यह पुरस्कार मिल गया।
इंटरनेट पर साइंस, लिटरेचर, आर्ट्स या फिर दूसरे क्षेत्रों के बारे में काफी जानकारियां उपलब्ध हैं। मसलन, डायनोसोर, धरती की उत्पत्ति, यूनिवर्स, बीमारियां, हाइजीन, डीएनए, जीन्स, सोशल वर्क, ऐसे तमाम टॉपिक हैं, जिन पर ज्यादा से ज्यादा जानकारी इकट्ठा कर सकते हैं। इससे आपकी दिलचस्पी गहराई से इन्हें पढ़ने में जगेगी।
आपका दुनिया के देखने का नजरिया कुछ अलग होना चाहिए। भारत के साइंटिस्ट सी. वी. रमन, जिन्हें नोबेल मिला, वह भी बचपन में आप जैसे ही थे। बस अलग होता है नजरिया। दूसरे बच्चों से अलग वह अपने आसपास हो रही चीजों को समझने और उनमें कुछ ढूंढने का प्रयास करते रहते थे। उनकी तो सरकारी नौकरी भी लग गई थी, लेकिन उन्होंने अपनी उस आरामदायक नौकरी को छोड़ा और ‘रमन इफैक्ट’ की खोज की। इसी खोज के लिए उन्हें नोबेल मिला। आप भी अपनी धुन में लगे रहिए, एक दिन जरूर कामयाब होंगे।
नोबेल पुरस्कार पाने के लिए आपको कुछ अलग करना होगा। ऐसी खोज करनी होगी जो एकदम से यूनीक हो और जबर्दस्त असर वाली हो। नोबेल पुरस्कार पाने वालीं खोजें आम आदमी के लिए होती हैं। ऐसी खोजों को चुना जाता है, जो इंसानों की जिंदगी को बड़े पैमाने पर प्रभावित करने वाली हों। अगर आप नोबेल चाहते हैं तो आपको भी ऐसी ही खोज करनी होगी। नोबेल पुरस्कार पाने वाले वैज्ञानिकों की खोज दिखने में साधारण ही होती हैं, लेकिन उस खोज तक पहुंचने में वैज्ञानिकों को 50 साल तक लगे हैं। तो आपको भी चाहिए होगा ढेर सारा सब्र। भारत में रिसर्च की बड़ी सुविधाएं नहीं हैं तो हो सकता है कि आपको बड़े इंस्टिट्यूट में रिसर्च के लिए अमेरिका या किसी और पश्चिमी देश का रुख करना पड़े। आईआईटी, एम्स जैसे भारत के बड़े संस्थानों में पढ़ने वालों के पास बड़े विदेशी इंस्टिट्यूट में रिसर्च करने के ऑफर आते रहते हैं। उनके पास फेलोशिप का मौका भी होता है। अगर आप इन भारतीय संस्थानों में ऐडमिशन पा लेंगे तो आगे का रास्ता भी आपके लिए खुल जाएगा।
अगर आप सच में नोबेल प्राइज जीतना चाहते हैं तो सिर्फ और सिर्फ अपने काम पर फोकस करें। अपने दिमाग से यह बात सबसे पहले निकाल दें कि आप यह काम किसी पुरस्कार के लिए कर रहे हैं। अगर आपके दिमाग में यही चलता रहेगा कि मुझे प्राइज चाहिए तो आप अपने काम पर पूरी तरह फोकस नहीं कर पाएंगे। वैसे भी कोई काम तभी सफल होता है जब आप बिना स्वार्थ के उसे पूरा करते हैं।
यहां हैं JAM 2019 से जुड़ी कुछ अहम तारीखें
ऐप्लिकेशन सब्मिशन की शुरुआत- 5 सितंबर 2018
अप्लाई करने की लास्ट डेट- 10 अक्टूबर 2018
ऐडमिट कार्ड डाउनलोड करने की डेट- जनवरी 2019
JAM 2019 परीक्षा- 10 फरवरी 2019
JAM 2019 रिजल्ट- 20 मार्च 2019

No comments:
Post a Comment